इस तरह कार्य करेगा प्लांट – इस तरह का प्लांट पहली बार नाले के पानी को शुद्धिकरण के लिए संभवतः देश में पहली बार लगाया जा रहा है| इसमें पहले नाले के पानी को स्क्रीनिंग किया जायेगा, जिसे ग्रिड चैम्बर से गुजारा जायेगा, एक कलेक्शन चैम्बर होगा जिसमे तीन नालो का पानी आकर मिलेगा, यह पर नाले के जल की धरा को कण्ट्रोल किया जायेगा इसके बाद एक धरा बनाकर चैनल से गुजारा जायेगा | वहा से इसे साडीमेंटशन टैंक में लाया जायेगा जहां से तीन चरणों में अलग अलग टैंक में नाले के पानी को उचाई से निचले टैंको में भेजा जायेगा| इस दौरान कीचड़ विब्भिन्न चरणों में जमा होगा और पानी को अपलिफ्ट पंप से एक टंकी में जमा किया जायेगा और शहर से 4 किलो मीटर भेजा जायेगा| इस तरह से नर्मदा में नालो के गंदे पानी को मिलने से रोका जा रहा है

मध्य भारत का पहला प्रोजेक्ट

बताया गया है की मध्य भारत में इस तरह का पहला प्रोजेक्ट है जो माँ नर्मदा में प्रदुषण रोकने के लिए बनाया जायेगा| इस तकनीक की विशेषता यह है की इसमें बिना किसी कर्मचारी, बिना किसी केमिकल के और बहुत ही नॉमिनल इलेक्ट्रिसिटी में नाले के पानी को शुद्ध किया जायेगा| इसमें मात्र शुद्ध पानी को अपलिफ्ट करने के लिए ट्रीटमेंट में गन्दगी आएगी उसके लिए पंप लगेगा शेष पूरा सिस्टम ग्रेविटी पर डिज़ाइन है |

 

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